Thursday, November 15, 2018

हिंदी भाषा में कैरियर की संभावनाएं


हिंदी भाषा में कैरियर की संभावनाएं

-दिलीप कुमार सिंह
भारत कोकिंग कोल लिमिटेड, धनबाद
दुनिया भर में बोलने वालों की संख्या की दृष्टि से दूसरे स्थान की भाषा हिंदी आज कैरियर के लिहाज से बहुत आकर्षक हो गई है। आज के समय में सरकारी और निजी क्षेत्र दोनों में ही हिंदी मे नौकरियों के अपार अवसर उपलब्ध हैं। जहां एक ओर सरकारी कंपनियों के लिए हिंदी में कार्य करना संवैधानिक बाध्यता है वहीं दूसरी ओर निजी क्षेत्र के लिए समय की आवश्यकता है।  हिंदी में आवश्यक डिग्री और दक्षता हासिल करके विदेशों में नौकरी पाई जा सकती है, घर बैठकर अपना कार्य भी किया जा सकता है। कैरियर की दृष्टि से वर्तमान में हिंदी अन्य भारतीय भाषाओं से बहुत आगे...
है। 
सरकारी क्षेत्र में नौकरी के अवसर
संविधान के अनुच्छेद 343 (I)के अनुसार हिंदी को संघ की राजभाषा घोषित किया गया है। राजभाषा यानि राजकाज की भाषा, प्रशासन की भाषा। इस अनुसार केंद्रीय सरकार के समस्त कार्यालय चाहे वह मंत्रालय हों, पब्लिक सेक्टर यूनिट हों,बैंक हों, प्राधिकरण हों, स्वायत्त निकाय हों, केंद्रीय विश्वविद्यालय हों या जहां पर भी केंद्र सरकार का स्वामित्व हो, वहाँ पर संघ की राजभाषा अर्थात हिंदी में कार्य करना अपेक्षित है। हिंदी में कार्य करने में सहायता प्रदान करने के लिए इन सभी जगहों पर राजभाषा विभाग स्थापित किए गए हैं।  सभी राजभाषा विभाग में अनिवार्य तौर पर हिंदी अधिकारी/राजभाषा अधिकारी, हिंदी अनुवादक, हिंदी आशुलिपिक, हिंदी टाईपिस्ट की भर्ती की जाती है।  आज सरकारी क्षेत्र में महाप्रबंधक (राजभाषा) और निदेशक (राजभाषा) स्तर के अधिकारियों तक की भर्ती की जा रही है। 
राजभाषा अधिकारी और अनुवादक के पद के लिए सामान्यत: हिंदी या अंग्रेजी में एम.ए. डिग्री और हिंदी व अंग्रेजी विषय के साथ बी.ए. डिग्री होनी चाहिए। हिंदी अनुवादक पद के लिए उपर्युक्त के अतिरिक्त अक्सर अनुवाद में 1 वर्षीय डिप्लोमा भी मांग लिया जाता है। दोनों ही क्षेत्रो में पद के अनुसार अनुभव की भी मांग की जाती है। 
हिंदी आशुलिपिक के पद के लिए किसी भी विषय में स्नातक उपाधि और हिंदी आशुलिपि का अच्छा ज्ञान होना चाहिए और हिंदी टाईपिस्ट के लिए स्नातक उपाधि और हिंदी टाइपिंग का अच्छा ज्ञान होना चाहिए।
निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर
आज भूमंडलीकरण के इस दौर में कंपनियों को अपने उत्पाद देश की जनता तक पहुंचाने के लिए जनता की भाषा का सहारा लेना पड़ता है।  धीमे ही सही परंतु निजी क्षेत्र की कंपनियों ने भी विशेष रूप से हिंदी व अन्य क्षेत्रीय भाषाओं के विशेषज्ञों की भर्ती शुरू कर दी है।  इन कंपनियों में निजी बैंक, दूरसंचार कंपनियाँ, साफ्टवेयर कंपनियाँ अग्रणी हैं।  वर्तमान में दुनिया भर में भाषा संबंधी साफ्टवेयर का विकास कार्य जोरो पर चल रहा है।  ग्लोबल स्तर पर कई कंपनियां जैसे सिस्ट्रान, गूगल, माईक्रोसोफ्ट, एसडीएल इन्टरनेशनल, डेट्रायट, ट्रांसलेशन ब्यूरो,प्रोज इत्यादि कंपनियाँ दुनिया भर की भाषा में कार्य कर रही हैं।  इन भाषाओं में हिंदी एक महत्वपूर्ण भाषा है।  बहुत सी कंपनियाँ अपनी भाषा आवश्यकताओं के लिए अन्य कंपनियों को अपना कार्य आउटसोर्स करती हैं।  निजी क्षेत्र में जाने के लिए हिंदी में समुचित दक्षता के साथ-साथ सृजनात्मक प्रतिभा का विशेष महत्व है। 
शिक्षण के क्षेत्र में
हिंदी विषय हमारे देश में प्रारम्भिक कक्षाओं से लेकर उच्चतर अध्ययन में हर कहीं पढ़ाया जाता है।  जाहिर सी बात है कि इसके लिए बड़ी संख्या में अध्यापकों की भी आवश्यकता भी पड़ती है।  हमारे देश में लगभग सभी विश्वविद्यालयों में हिंदी विषय पढ़ाया जाता है।  विभिन्न स्तरों पर हिंदी विषय के अध्यापन के लिए विभिन्न योग्यताएं निर्धारित हैं।  यूजीसी नेट परीक्षा पास करने के साथ ही हिंदी में एम ए उपाधि और पीएचडी हासिल करके इस क्षेत्र में कैरियर बनाया जा सकता है। 
मीडिया के क्षेत्र में
मीडिया के क्षेत्र में अपने देश में हिंदी सर्वाधिक महत्वपूर्ण भाषा है।  मीडिया के क्षेत्र में हिंदी माध्यम से अपार अवसर  उपलब्ध हैं।  न्यूज राईटिंग,पत्र-पत्रिकाओं के हिंदी वर्जन के प्रकाशन,स्क्रिप्ट राईटिंग,  फिल्म डबिंग, डायलॉग राईटिंग आदि के क्षेत्र में हिंदी की भूमिका महत्वपूर्ण है।  इस क्षेत्र में कैरियर बनाने के लिए मास कम्यूनिकेशन डिग्री के साथ हिंदी में दक्षता होनी आवश्यक है।  क्रिएटिव राईटिंग में डिग्री या डिप्लोमा इस क्षेत्र में जाने के लिए विशेष तौर पर उपयोगी है। 
स्वतंत्र अनुवादक के तौर पर
हिन्दी व अँग्रेजी भाषा में अच्छी दक्षता हासिल करके स्वतंत्र अनुवादक के तौर पर भी कार्य किया जा सकता है।  तमाम कंपनियाँ आवश्यकतानुसार हिन्दी, अँग्रेजी व क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद के लिए आउटसोर्सिंग का सहारा लेती हैं।  ऑनलाईन ट्रांसलेशन का कार्य भी दिनों दिन खूब लोकप्रिय हो रहा है।  फ्रीलान्सर के तौर पर कार्य करने के लिए वेबसाईटों पर रजिस्ट्रेशन करके कार्य करने की शुरुआत की जा सकती है।  इस क्षेत्र की प्रमुख वेबसाईटें हैं- translatorscafe.com, proz.com, Translatorbase.com, elance.com आदि।
विदेशों में अवसर
जैसे-जैसे हिन्दी का प्रचार-प्रसार पूरी दुनिया भर में बढ़ रहा है, भारतवंशी लोगों की स्थिति दुनिया भर में मजबूत हो रही है, वैसे-वैसे विदेशों में भी हिन्दी में कैरियर बनाने के अवसर बढ़ रहे हैं।  एक अनुमान के मुताबिक भारत के बाहर करीब 170 विश्वविद्यालयों में हिंदी का अध्ययन-अध्यापन हो रहा है।  यहाँ पर हिंदी पढाने के लिए योग्य हिंदी संकायों की भारी कमी है।  भारतीय संस्कृति, योग, आयुर्वेद, संगीत, कला आदि का महत्व पूरी दुनिया भर में बढ़ा है।  पूरा विश्व इनको जानने के लिए आतुर है।  इनकी जानकारी लेने के लिए भारतीय भाषाएं ही माध्यम हैं।  भारतीय भाषाओं में हिंदी ही सर्वाधिक लोकप्रिय भाषा है।  अत:  विदेशी इन कारणो से हिंदी सीखने पर ज़ोर दे रहे हैं।विदेशों में बड़े पैमाने पर हिंदी प्रशिक्षकों की भर्तियां हो रही हैं।   आवश्यक डिग्री और अध्यापन कौशल हासिल करके विदेशों में भी आकर्षक कैरियर बनाया जा सकता है।
इस प्रकार देखा जा सकता है कि हिंदी विषय में भी आकर्षक कैरियर बनाने के सभी प्रकार के अवसर मौजूद हैं।  कैरियर के लिहाज से आज के समय में हिंदी बहुत महत्वपूर्ण भाषा बन गई है।  बस आवश्यकता है कि हिंदी में व्यावसायिक सक्षमता हासिल कर ली जाए।


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